Kabir Das (कबीरदास): Biography, Dohe Arth & PYQs | OSSTET Hindi & OSOU MAHD Complete Notes

Kabir Das Notes: Jeevan Parichay, Dohe Arth & PYQ for OSSTET Hindi & OSOU MAHD Exam.

Sant Kabir Das: Complete Exam Guide

OSSTET (Unit-II) & OSOU MAHD (PHD-102)

Target: 100% Marks in Bhaktikal

परिचय: हिंदी साहित्य के भक्तिकाल की 'निर्गुण ज्ञानाश्रयी शाखा' (Sant Kavya Dhara) के प्रवर्तक कबीरदास एक महान समाज सुधारक और क्रांतिकारी कवि थे। वे केवल एक संत नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपने समय के अंधविश्वासों, पाखंडों और बाह्य आडंबरों पर करारी चोट की।

चाहे आप OSSTET की तैयारी कर रहे हों या MA Hindi की, कबीरदास से प्रश्न आना अनिवार्य है।

1. जीवन परिचय: एक नज़र में (Exam Fact Sheet)

परीक्षा में सीधे प्रश्न यहीं से बनते हैं, इसे कंठस्थ कर लें:

पहले 2 मिनट में कांसेप्ट समझो (ताकि रटना न पड़े):

  1. कबीर कौन थे? वे एक "विद्रोही समाज सुधारक" थे। वे मंदिर-मस्जिद नहीं मानते थे, वे मानते थे कि ईश्वर कण-कण में है।

  2. उनकी भाषा: उनकी भाषा को 'सधुक्कड़ी' या 'पंचमेल खिचड़ी' कहते हैं क्योंकि वो जगह-जगह घूमते थे, तो उनकी भाषा में पंजाबी, राजस्थानी, खड़ी बोली सब मिक्स हो गई।

  3. गुरु: स्वामी रामानंद। (कबीर ने कहा था: काशी में हम प्रकट भये, रामानंद चेताये।)

  4. किताब: वे अनपढ़ थे (मसि कागद छूयो नहीं)। उनके शिष्यों (धर्मदास) ने उनकी बातों को 'बीजक' में लिखा।

जन्म (Birth) संवत 1455 (लगभग 1398 ई.), काशी (लहरतारा तालाब)
मृत्यु (Death) संवत 1575 (लगभग 1518 ई.), मगहर
पालन-पोषण नीरू और नीमा (जुलाहा दंपत्ति)
गुरु (Guru) स्वामी रामानंद (Swami Ramanand)
भाषा (Language) सधुक्कड़ी (रामचंद्र शुक्ल) / पंचमेल खिचड़ी (श्यामसुंदर दास)
शासक (Contemporary) सिकंदर लोदी (Sikandar Lodi)

2. प्रमुख रचनाएँ: बीजक (Bijak)

कबीरदास पढ़े-लिखे नहीं थे। उन्होंने स्वयं कहा है: "मसि कागद छूयो नहीं, कलम गही नहिं हाथ।" उनकी वाणियों का संग्रह उनके शिष्य धर्मदास (Dharmadas) ने 'बीजक' नाम से किया। इसके तीन भाग हैं:

1. साखी (Sakhi)

अर्थ: साक्षी (Witness/Gawah)।
छंद: दोहा।
विषय: इसमें गुरुदेव को अंग, सुमिरन को अंग आदि के माध्यम से सांप्रदायिक शिक्षा और सिद्धांतों का वर्णन है।

2. सबद (Sabad)

अर्थ: शब्द।
छंद: गेय पद (गाने योग्य)।
विषय: इसमें संगीतात्मकता है और प्रेम-साधना की अभिव्यक्ति है।

3. रमैनी (Ramaini)

अर्थ: रामायण।
छंद: दोहा और चौपाई।
विषय: इसमें दार्शनिक विचार और रहस्यवाद है।

3. महत्वपूर्ण दोहे और उनका अर्थ (Syllabus Special)

OSSTET और MA के एग्जाम में अक्सर दोहे देकर उनका भावार्थ पूछा जाता है। नीचे दिए गए दोहे सबसे महत्वपूर्ण हैं:

"गुरु गोविन्द दोउ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरु आपनो, गोविन्द दियो बताय।।"

भावार्थ: कबीर कहते हैं कि मेरे सामने गुरु और ईश्वर (गोविन्द) दोनों खड़े हैं। मैं दुविधा में हूँ कि पहले किसके चरण स्पर्श करूँ? फिर वे निर्णय लेते हैं कि गुरु का स्थान ईश्वर से ऊँचा है, क्योंकि गुरु के ज्ञान देने पर ही मुझे ईश्वर के दर्शन हुए।

"पानी केरा बुदबुदा, अस मानुस की जात।
देखत ही छिप जायगा, ज्यों तारा परभात।।"

भावार्थ: मनुष्य का जीवन पानी के बुलबुले (Bubble) की तरह क्षणभंगुर (Nashwar) है। जैसे प्रभात (सुबह) होते ही तारे छिप जाते हैं, वैसे ही मृत्यु आने पर यह शरीर तुरंत नष्ट हो जाएगा। इसलिए घमंड नहीं करना चाहिए।

"माटी कहै कुम्हार से, तू क्या रौंदे मोय।
एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूंगी तोय।।"

भावार्थ: यह दोहा जीवन की नश्वरता को दर्शाता है। मिट्टी कुम्हार से कहती है कि आज तू शक्तिशाली है और मुझे रौंद रहा है, लेकिन एक दिन तू मरकर इसी मिट्टी में मिल जाएगा, तब मैं तेरे ऊपर रहूँगी।

"माया महा ठगनी हम जानी..." (पद)

भावार्थ: कबीर ने माया (धन, मोह, अज्ञान) को 'महा ठगनी' कहा है। वह अपने हाथ में त्रिगुण (सत्व, रज, तम) का फंदा लेकर सबको फंसाती है और मधुर वाणी बोलती है। ज्ञानी हो या मूर्ख, सब इसके जाल में फंस जाते हैं।

4. Previous Year Questions (PYQ Practice)

ये प्रश्न OSSTET और TGT परीक्षाओं में बार-बार पूछे गए हैं। खुद को टेस्ट करें:

Q1. कबीरदास की भाषा को 'पंचमेल खिचड़ी' किसने कहा है?
(A) आचार्य रामचंद्र शुक्ल
(B) श्यामसुंदर दास ✅
(C) हजारी प्रसाद द्विवेदी
(D) नामवर सिंह


Q2. 'बीजक' का संकलन कबीर के किस शिष्य ने किया?
(A) रैदास
(B) मलूकदास
(C) धर्मदास ✅
(D) सुंदरदास


Q3. कबीर किसके समकालीन थे?
(A) अकबर
(B) हुमायूँ
(C) सिकंदर लोदी ✅
(D) औरंगज़ेब


Q4. 'मसि कागद छूयो नहीं...' पंक्ति किस कवि के लिए प्रसिद्ध है?
(A) तुलसीदास
(B) सूरदास
(C) कबीरदास ✅
(D) जायसी

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