Day 3: तुलसीदास & बिहारी
OSSTET Syllabus Special Notes
1. तुलसीदास: केवट प्रसंग और भरत-महिमा
सिलेबस चेक: OSSTET में तुलसीदास के केवल दो प्रसंग हैं: 'केवट प्रसंग' और 'भरत-महिमा'।
(A) केवट प्रसंग (प्रेम और भक्ति)
कहानी: राम गंगा पार करना चाहते हैं। केवट उन्हें नाव में बिठाने से मना कर देता है।
केवट का तर्क: "प्रभु, आपके चरणों की धूल जादुई है (अहिल्या पत्थर से नारी बन गई)। मेरी नाव काठ (लकड़ी) की है, अगर वह भी नारी बन गई तो मैं क्या करूंगा? पहले मैं आपके पैर धोऊंगा (पखारूंगा), फिर नाव में बैठाऊंगा।"
भाव: यह केवट की चतुराई और अनन्य भक्ति है। राम उसकी प्रेमपूर्ण जिद्द मान लेते हैं।
(B) भरत-महिमा (त्याग)
कहानी: राम को वनवास मिलने पर भरत उन्हें मनाने चित्रकूट जाते हैं।
भाव: भरत का राम के प्रति निस्वार्थ प्रेम। जहाँ दुनिया राज्य (सत्ता) के लिए लड़ती है, भरत राज्य ठुकरा कर राम की खड़ाऊं (चरण पादुका) मांगते हैं। तुलसीदास ने भरत को 'आदर्श भाई' और 'भक्त' बताया है।
2. बिहारी: 4 प्रमुख दोहे (Syllabus Wise)
सिलेबस में बिहारी के ये 4 दोहे ही दिए गए हैं। इनका अर्थ रट लें:
3. Previous Year Questions (Test)
Q1. केवट ने राम के पैर धोने की ज़िद क्यों की?
(A) वह राम का भक्त था
(B) उसे डर था कि नाव नारी न बन जाए ✅
(C) उसे पैसे चाहिए थे
(D) राम ने उससे कहा था
Q2. 'कनक कनक तैं सौ गुनी' में 'कनक' का दूसरा अर्थ क्या है?
(A) गेहूँ
(B) धतूरा ✅
(C) चांदी
(D) हीरा
Q3. गोपियों ने कृष्ण की मुरली क्यों छुपाई?
(A) उन्हें मुरली पसंद थी
(B) कृष्ण को सताने के लिए
(C) बात करने के लालच में (बतरस लालच) ✅
(D) चोरी करने के लिए
Q4. बिहारी ने अपने पहले दोहे में किसकी वंदना की है?
(A) राम की
(B) गणेश की
(C) राधा (राधा नागरि) की ✅
(D) सरस्वती की
(Day-3 Complete!)
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